We News 24 » रिपोर्टिंग सूत्र / सत्यदेव प्रसाद
जयनगर :- ब्याहुत कलवार बलभद्र पूजा मुख्य रूप से कलवार समुदाय के द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। यह पूजा भगवान बलभद्र (बलराम), जो भगवान कृष्ण के बड़े भाई हैं, को समर्पित होती है। बलभद्र को बलराम के रूप में भी जाना जाता है, और वे शारीरिक शक्ति और कृषि के देवता माने जाते हैं। इस पूजा में विशेष रूप से ब्याहुत कलवार समुदाय के लोग भाग लेते हैं और भगवान बलराम की पूजा करते हैं। इसे सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कलवार समुदाय के लोग एकत्र होकर एक-दूसरे के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।
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ब्याहुत कलवार बलभद्र पूजा के दौरान निम्नलिखित गतिविधियां की जाती हैं:
- भगवान बलराम की पूजा: इस दिन भगवान बलराम की मूर्ति या चित्र की पूजा की जाती है। धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रों का उच्चारण होता है।
- विशेष प्रसाद: पूजा के बाद विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है और इसे भक्तों में वितरित किया जाता है।
- सामाजिक आयोजन: इस त्योहार के अवसर पर कलवार समुदाय के लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और सामाजिक उत्सवों का आयोजन करते हैं।
- भगवान कृष्ण के बड़े भाई हैं और शेषनाग के अवतार माने जाते हैं। बलभद्र का
- मुख्य अस्त्र हल और मूसल है, शक्ति और बल के प्रतीक: भगवान बलभद्र को शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। उनकी पूजा से शारीरिक और मानसिक बल प्राप्त होता है।\समृद्धि और सुख: उनकी पूजा से परिवार और समाज में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। उनका आशीर्वाद जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता और कल्याण लाता है।
- रक्षा के देवता: भगवान बलभद्र का एक अन्य रूप रक्षात्मक और संरक्षणात्मक है। वे समाज और परिवार की रक्षा करने वाले देवता माने जाते हैं।
इसी कड़ी में जयनगर में ब्याहुत कलवार समाज के लोगों ने धूमधाम से अपने कुलदेवता भगवान श्री बलभद्र की पूजा अर्चना की। इस महा पूजा में जयनगर बॉर्डर क्षेत्र के ब्याहुत कलवार समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समाज के लोग भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भगवान बलभद्र की पूजा, आरती, महाभंडारा और शोभायात्रा का आयोजन हुआ। महा पूजा की शुरुआत से पहले शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा मारवाड़ी विवाह भवन से शुरू होकर शहर के मेन रोड से होते हुए पूरे शहर का भ्रमण किया। महिला श्रद्धालुओं ने कलश शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया और श्रद्धालुओं ने ध्वज लेकर भगवान श्री बलभद्र का जयकारा लगाया।
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इस अवसर पर धर्मेंद्र कुमार गुड्डू, सुरेश प्रसाद, संजीव कुमार छोटू, अजय प्रसाद और अन्य प्रमुख वक्ताओं ने भगवान बलभद्र की जीवनी पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा ब्याहुत कलवार समाज को एकता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। । शाम को भगवान श्री बलभद्र की महा आरती की गई। इस आयोजन में जयनगर और आसपास के गांवों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के जनकपुर धाम, सिरहा, बासोपट्टी, कलुआही, गोबराही, देवधा, वीरपुर, महिनाथपुर, माल टोल, दुहबी, डीहटोल, बरदेपुर समेत अन्य गांवों और नेपाल के ब्याहुत कलवार समुदाय के लोग भी शामिल हुए। यह पूजा विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के कलवार समुदाय में प्रचलित है।
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